Kahna kamboj Tera dimag kharab hai kya shayari || Latest new shayari

कहना कम्बोज उभरते हुए नया शायर है .आज क सोशल मीडिया पर बहुत फेमस हो रहे है इनकी नई शायरी लोगो को bohat लुभा रही है. और बहुत चहिते हो गये है. इनकी कुछ शायरी है बहुत फेमस है उनके कलेक्शन स्टोर किया है. Hindi shayari kahna kamboj

प्यार को अपने ही अलग अंदाज में कहने वाले शायर हमारे कहना कंबोज एक अच्छे और जोश वाले शायर है। इसकी शायरी में उस बेवफा से लेके हिंदी शायरी की सभी पक्ष में अपनी शायरी का एक मेल है। इनकी शायरी मुख्य प्यार और उसकी बेवफाई पे है।  


“सुना है तेरी चाहत में मर गए लोग

यानी बहुत कुछ बड़ा कर गए लोग” 


Kahna kamboj ( shayari )का ये हिंदी शायरी का अंदाज लोगो को अधिक पसंद आता है तो आपके लिए हम कुछ खास खास शायरी collection किया है हमे उम्मीद है के हम उनकी शायरी का पुन collection लेके पेश करेंगे। 

Kahna kamboj शायरी इन हिंदी ।

तेरी सोहबत में आने के बाद सुना है

नहीं दोबारा मुड़कर फिर घर गए लोग

तुझसे मोहब्बत में कुछ भी नहीं हासिल।


Teri  sohabat me aan ke baad suna hai 

Nahi dobara mudkar fir ghar gaye log 

Tujhse mohabbt me kuch bhi nahi hasil..!!


Kahna kamboj shayari 


तेरे लिए हद से गुजर गए लोग

तुम छोड़ दो उस अप्सरा की बातें कान्हा

अप्सरा नहीं होती कहकर गये लोग

मेरे लहजे से दब गयी वो बात

तेरे हक में कही थी मैंने जो बात

तेरी एक नहीं से खामोश हो गया मैं

कहने को तो थी मुझ पर सौ बात

गलती मेरी ये रही तुझे सर पर बैठा लिया

वरना कदमों लायक भी कहां 

तेरी औकात रही है

तेरे इश्क में कर लिया खुद 

को बदनाम इतना

जरा पूछ दुनिया से कैसी कान्हा 

की हैयात रही है

🙏**||**🙏


तेरी चाहत में मर गए लोग — Kahna kamboj 


सुना है तेरी चाहत में मर गए लोग

यानी बहुत कुछ बड़ा कर गए लोग

सोचा कि देखे तुझे और देख के सोचा ये

तुझे सोचते हुए क्या क्या कर गए लोग

वक्त के चलते हो जाएगा सब ठीक

अंत भला क्या होगा बुरी जिसकी 

इतनी शुरूवात रही है

🙏**||**🙏


Bewafa par kahna kamboj
Shayari


बदन के निशान बताए गए जख्म पुराने

मोहतरमा कमजोर कहां मेरी 

इतनी याददाश्त रही है

गैर के साथ भीगती रही रात भर

बड़ी बेबस वो बरसात रही है

कुछ अश्क बाकी रह गया तेरा मुझमें

वरना कब किसी की इतनी 

कही बर्दाश्त रही है

बात मुझे मत बता क्या बात रही है

रह साथ उसके, साथ जिसके रात रही है 

ज़रा भी ना हिचकिचायी होते हुए बेआबरू,

बता तेरे जिस्म से और कितनों 

की मुलाकात रही है


Kahna kamboj special Shayari


वस्ल की रात बस एक किस्सा 

बनकर रह गई

मेरे हाथ में तेरी यादों की 

हवालात रही है

🙏**||**🙏


तू सोच, के बस तुझसे कही है 

मैंने किसी से नहीं कही जो बात

तू किसी से कर मुझे ऐतराज नहीं

ताल्लुक अगर मुझसे रखती हो वो बात।


चलाना अपनी मर्जिया मेरे मर जाने के बाद – Kahna kamboj


तू जरूरी है हर जरूरत को आज-माने के बाद

तू चलाना मर्ज़ी अपनी मेरे मर जाने के बाद 

है सितम ये भी कि हम उसे चाहते हैं

वो भी इतना सितम ढाने के बाद 

🙏**||**🙏


बहुत रोया मगर घर जाने के बाद 


हो इजाज़त तो तुझे छूकर देखूं

सुना है मरते नहीं तुझे हाथ लगाने के बाद 

वो रास्ते में मिली तो मुस्कुरा दिया देखकर

बहुत रोया मगर घर जाने के बाद

है तौहीन मेरी जो तुम कर रही हो

आवाज़ उठाई नहीं जाती सर झुका ने के बाद

🙏**||**🙏


Kitni pagal hai Mera Puch Liya — Kahna kamboj


कितनी पागल है मुझे मेरे नाम से पुकार लिया 

मुझे पहचानने से मुखर जाने के बाद

मुझसे मिलने आओ गी ये वादा करो

मुलाकात रक़ीब से हो जाने के बाद

वैसे हो बड़े बदतमीज तुम कान्हा

किसी ने कहा अपनी हद से गुजर जाने के बाद

🙏**||**🙏


हंस के बात कर रही है  kahna kamboj


तेरी हर हकीक़त से रूबरू हो गया हूं मैं

ये पर्दा किस बात का कर रही हैं

एक मैं हूं आंखों से आँसू नहीं रुक रहे 

एक तू है कि हंस के बात कर रही है 

लहज़े में मुआफ़ी, आँखों में शर्म तक नहीं 

ये एक्टिंग का कोर्स तू ला-जवाब कर रही है

🙏**||**🙏


सारी रात उसे छूने से डरता रहा
– Kahna kamboj 


सारी रात उसे छूने से डरता रहा

मैं बे-बस, बे-चैन बस करवटें बदलता रहा 

हाथ तो मेरा ही था उसके हाथ में

बस बात ये है कि जिक्र किसी और करता रहा

🙏**||**🙏


मशहूर मैं तुझे भी कर दूंगा 
Kahna kamboj


गिरा ले मुझे अपनी नज़रों से कितना ही 

झुकने पर तो मजबूर मैं तुझे भी कर दूँगा 

एक बार बदनाम करके तो देख मुझे महफ़िल में

कसम से शहर में मशहूर मैं तुझे भी कर दूंगा

🙏**||**🙏


तेरा दिमाग खराब है shayari -kahna kamboj


कहती है तुमसे ज्यादा प्यार करता है 

उसकी इतनी औकात है क्या?

रक़ीब का सहारा लेकर कान्हा को भुला दूंगी 

तेरा दिमाग खराब है क्या?

🙏**||**🙏 


Kahna kamboj new shayari 2022 


Kuch to jala hoga, yoon bevajah dhua na hua hoga, 

Jise darte the hum, khawab me dekhne ko, wo hadsa,

Kaise hakikat me hua hoga, 

Aur mere hath kapte hai uski tasveer ko chhute huye, 

E dost wo gair sath hum bister kaise hua hoga…!! 

  

कुछ तो जला होगा, यूं बेवजह धुआं न हुआ होगा,

जिसे डरते थे हम, ख्वाब में देखने को, वो हादसा,

किसे हकीकत में हुआ होगा !!

और मेरे हाथ कापते थे उसकी तस्वीर को छूते हुए,

ए दोस्त वो गैर साथ हम बिस्तर कैसे हुआ होगा!! 

Aajmaya gaya- kahna kamboj

Ye kaisa sitam tha uska kuch Palo ki mohabbat ke liye,, 

Mujhe salo aajmaya gaya,

Unhone pahle meri fasi mukar krdi, fir mujhe Adalat bulaya gaya…!! 

ये कैसा सितम था उसका कुछ पलों की मुहब्बत के लिए,

मुझे सालो आजमाया गया,

उन्होंने पहले मेरी फासी मुकर करदी, फिर मुझे अदालत बुलाया गया!!

 

Shehar main mashoor -kahna kamboj 

Gira le mujhe apni nigaho se bhale kitna hi..

Gukne ko to majbut me tujko bhi kar dunga..

Ek bar badnam karke to dekh mujhe mehfil main,,

Kasam se shahar me mashoor tujhe bhi kar dunga…!! 

गिरा ले मुझे अपनी निगाओ से भले कितना ही,

झुकने को तो मजबूर में तुझको भी कर दूंगा,

एक बार बदनाम करके तो देख मुझे महफिल में,

कसम से शहर में मशहूर तुझे भी कर दूंगा!!

Sari raat main usko chhune se darta raha,

Me be-bas bechain bas karwate badatlte raha,

Hath to mera hi tha uske hath main, 

Bas bat ye hai , zikar kisi or ka chal raha tha. 

सारी रात में उसको छूने से डरता रहा,

में बेबस बेचैन बस करवट बदलते रहा,

हाथ तो मेरा ही था उसके हाथ में,

बस बात ये है, जीकर किसी का चल रहा था!!

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