Dr. best kumar vishwas shayari | कुमार विश्वास बेस्ट शायरी

 Kumar Vishwas Bio in hindi

 
कुमार विश्वास ( kumar Vishwas ) एक भारतीय हिन्दी कवि, वक्ता और सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ता हैं। वे आम आदमी पार्टी के नेता रह चुके हैं। उनका मूल नाम विश्वास कुमार शर्मा है। वे युवाओं के अत्यन्त प्रिय कवि हैं। 

कुमार विश्वास का जन्म 10 फरवरी (वसन्त पंचमी), 1970 को उत्तर प्रदेश के ग़ाज़ियाबाद के पिलखुआ में एक मध्यवर्गी परिवार में हुआ था। उनकी माता श्रीमती रमा शर्मा गृहिणी हैं। वे चार भाईयों और एक बहन में सबसे छोटे हैं। कुमार विश्वास की पत्नी का नाम मंजू शर्मा है।

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Kumar vishwas shayari in hindi
Kumar vishwas

 

कुमार विश्वास ने अपना करियर राजस्थान में प्रवक्ता के रूप में 1994 में शुरू किया। आज कुमार विश्वास हिन्दी कविता मंच के सबसे व्यस्ततम कवियों में से एक हैं

 

राजनीति से रूठे कवि कुमार विश्वास कहते हैं

 “सियासत में मेरा खोया या पाया हो नहीं सकता। सृजन का बीज हूँ मिट्टी में जाया हो नहीं सकता।”

उनका कहना है कि ‘राजनीति 10 साल 5 साल लेकिन कविता हजार साल।’ 

 

कुमार विश्वास को श्रृंगार रस का कवि माना जाता है। उनके द्वारा लिखा काव्य संग्रह ‘कोई दीवाना कहता है’ युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय रहा।

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Kumar Vishwas famous poetry 

Kumar Vishwas kavita 2022

 

कोई दीवाना कहता है, कोई पागल समझता है !

मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है !!

मैं तुझसे दूर कैसा हूँ, तू मुझसे दूर कैसी है !

ये तेरा दिल समझता है या मेरा दिल समझता है !! 

 

Koi deewana kahata hai kavita- kumar vishwas

मोहब्बत एक अहसासों की पावन सी कहानी है !

कभी कबिरा दीवाना था कभी मीरा दीवानी है !!

यहाँ सब लोग कहते हैं, मेरी आंखों में आँसू हैं !

जो तू समझे तो मोती है, जो ना समझे तो पानी है !! 

समंदर पीर का अन्दर है, लेकिन रो नहीं सकता !

यह आँसू प्यार का मोती है, इसको खो नहीं सकता !!

मेरी चाहत को दुल्हन तू बना लेना, मगर सुन ले !

जो मेरा हो नहीं पाया, वो तेरा हो नहीं सकता !! 

भ्रमर कोई कुमुदुनी पर मचल बैठा तो हंगामा!

हमारे दिल में कोई ख्वाब पल बैठा तो हंगामा!!

अभी तक डूब कर सुनते थे सब किस्सा मोहब्बत का!

मैं किस्से को हकीक़त में बदल बैठा तो हंगामा!! 

– कुमार विश्वास  

 

कुमार विश्वास की दो पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं- ‘इक पगली लड़की के बिन’ (1996) और ‘कोई दीवाना कहता है’ (2007 और 2010 दो संस्करण में)। 

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इक पगली लड़की के बिन

मावस की काली रातों में दिल का दरवाजा खुलता है,

जब दर्द की काली रातों में गम आंसू के संग घुलता है,

जब पिछवाड़े के कमरे में हम निपट अकेले होते हैं,

जब घड़ियाँ टिक-टिक चलती हैं,सब सोते हैं, हम रोते हैं,

 

जब बार-बार दोहराने से सारी यादें चुक जाती हैं,

जब ऊँच-नीच समझाने में माथे की नस दुःख जाती है,

तब एक पगली लड़की के बिन जीना गद्दारी लगता है,

और उस पगली लड़की के बिन मरना भी भारी लगता है।

 

Kumar Vishwas best kavita in hindi

 

जब पोथे खाली होते है, जब हर्फ़ सवाली होते हैं,

जब गज़लें रास नही आती, अफ़साने गाली होते हैं,

जब बासी फीकी धूप समेटे दिन जल्दी ढल जता है,

जब सूरज का लश्कर छत से गलियों में देर से जाता है 

 

एक Pagal ladki – kumar vishwas

 

जब जल्दी घर जाने की इच्छा मन ही मन घुट जाती है,

जब कालेज से घर लाने वाली पहली बस छुट जाती है,

जब बेमन से खाना खाने पर माँ गुस्सा हो जाती है,

जब लाख मन करने पर भी पारो पढ़ने आ जाती है,

 

Kumar Vishwas famous kavita in hindi 

 

जब अपना हर मनचाहा काम कोई लाचारी लगता है,

तब एक पगली लड़की के बिन जीना गद्दारी लगता है,

और उस पगली लड़की के बिन मरना भी भारी लगता है।

 

जब कमरे में सन्नाटे की आवाज़ सुनाई देती है,

जब दर्पण में आंखों के नीचे झाई दिखाई देती है,

जब बड़की भाभी कहती हैं, कुछ सेहत का भी ध्यान करो,

क्या लिखते हो दिन भर, कुछ सपनों का भी सम्मान करो

 

Kumar Vishwas poem 

 

जब बाबा वाली बैठक में कुछ रिश्ते वाले आते हैं,

जब बाबा हमें बुलाते है,हम जाते में घबराते हैं,

जब साड़ी पहने एक लड़की का फोटो लाया जाता है,

जब भाभी हमें मनाती हैं, फोटो दिखलाया जाता है,

 

जब सारे घर का समझाना हमको फनकारी लगता है,

तब एक पगली लड़की के बिन जीना गद्दारी लगता है,

और उस पगली लड़की के बिन मरना भी भारी लगता है।

 

Kumar Vishwas kavita 

 

दीदी कहती हैं उस पगली लडकी की कुछ औकात नहीं,

उसके दिल में भैया तेरे जैसे प्यारे जज़्बात नहीं,

वो पगली लड़की मेरी खातिर नौ दिन भूखी रहती है,

चुप चुप सारे व्रत करती है, मगर मुझसे कुछ ना कहती है,

 

जो पगली लडकी कहती है, मैं प्यार तुम्ही से करती हूँ,

लेकिन मैं हूँ मजबूर बहुत, अम्मा-बाबा से डरती हूँ,

उस पगली लड़की पर अपना कुछ भी अधिकार नहीं बाबा,

 

सब कथा-कहानी-किस्से हैं, कुछ भी तो सार नहीं बाबा,

बस उस पगली लडकी के संग जीना फुलवारी लगता है,

और उस पगली लड़की के बिन मरना भी भारी लगता है। 

 

कुमार विश्वास 

 

अन्य kumar vishwas shayari

 

खुद को आसान कर रही हो ना

खुद को आसान कर रही हो ना

हम पे एहसान कर रही हो ना 

 

ज़िन्दगी हसरतों की मय्यत है

फिर भी अरमान कर रही हो ना 

नींद, सपने, सुकून, उम्मीदें

कितना नुक्सान कर रही हो ना

हम ने समझा है प्यार, पर तुम तो

जान-पहचान कर रही हो ना 

 

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Kumar Vishwas Dosti Shayari in Hindi

 

याद उसे इतना ही करते है 

सो हम उस की बुराई करते है ।। 

 

Yaad use itna hi karte hai 

So hum us ki burai karte hai ..!!

 

Dosti par kumar vishwas ki shayari

 

हम को यारों ने याद भी ना रखा 

जॉन यारों के यार थे हम ।।

 

Hum ko yaron ne yaad bhi na rakha,

Jaun yaaron ke yaar the hum to …!!

 

Aankhon par kumar vishwas ki shayari

 

महफिल महफिल मुस्कुराना पड़ता है 

खुद ही खुद को समझाना पड़ता है 

उनकी आंखों से होकर दिल जाना 

रास्ते में ये मैखाना तो पड़ता है ।।

 

Mahfil mahfil muskurane padta hai 

Khud hi khud ko samjhana padta hai 

Unki aankhon se hokar dil jana

Raste me ye maikhana padta hai …!!

 

Hangama kumar vishwas shayari 

 

जब आता है जीवन में खयालातों का हंगामा

हास्य बातों हा जज्बातों मुलाकातों का हंगामा

जवानी के कयामत दौर में ये सोचते है सब 

ये हंगामा की राते है या है रातों का हंगामा ।।

 

Jab aata hai jivan me khayalaton ka hangama

Hasya baton ka jajbato mulakaton ka hangama

Jawani ke kayamat fir me ye sochte hai sab 

Ye hangama ki rate hai ya hai raton ka hangama…!!

 

कोई खामोश है इतना, बहाने भूल आया हूँ

किसी की इक तरनुम में, तराने भूल आया हूँ

मेरी अब राह मत तकना कभी ए आसमां वालो

मैं इक चिड़िया की आँखों में, उड़ाने भूल आया हूँ 

 

Kumar Vishwas sher in hindi

जब बेमन से खाना खाने पर , माँ गुस्सा हो जाती है ,

जब लाख मन करने पर भी , पारो पढने आ जाती है 

 

Kumar Vishwas college shayari

 

जब जल्दी घर जाने की इच्छा , मन ही मन घुट जाती है ,

जब कॉलेज से घर लाने वाली , पहली बस छुट जाती है 

 

जब कमरे में सन्नाटे की आवाज सुनाई देती है ,

जब दर्पण में आँखों के नीचे झाई दिखाई देती है ,

Kumar Vishwas pyar par shayari

मैं उसका हूँ वो इस एहसास से इनकार करती है

भरी महफ़िल में भी, रुसवा हर बार करती है

यकीं है सारी दुनिया को, खफा है हमसे वो लेकिन

मुझे मालूम है फिर भी मुझी से प्यार करता है 

Famous Shayari Of Dr. Kumar Vishwas

वो पगली लड़की नौ दिन मेरे लिए भूखी रहती है ,

छुप -छुप सारे व्रत करती है , पर मुझसे कभी ना कहती है , 

 

जमाना अपनी समझे पर, मुझे अपनी खबर यह है

तुझे मेरी जरुरत है, मुझे तेरी जरुरत है 

राजनिति पर कुमार विश्वास शायरी (Rajaniti par kumar vishwas shayari )

 

सियासत में मेरा खोया या पाया हो नहीं सकता। 

सृजन का बीज हूँ मिट्टी में जाया हो नहीं सकता 

 

मैं तो झोका हूं हवाओ का,ड़ा ले जाऊंगा ।

जागती रहना तुझे तुझको चुरा ले जाऊंगा ।

 

Iljam shayari kumar vishwas

 

मेरे जीने मरने में तुम्हारा नाम आएगा।

मैं सास रोक लूं फिर भी,

यही इलजाम आएगा। 

 

Ehsaan shayari kumar vishwas

 

खुद को आसान कर रही हो ना

हम पे एहसान कर रही हो ना।

 

जिंदगी हसरतों की मय्यत है 

फिर भी अरमान कर रही हो ना। 

Khud par shayari kumar vishwas 

 

खुद से दूर है  

तुम भी 

खुद से दूर है 

हम भी ।

 

Kumar Vishwas shayari

 

कौन आया है, कौन आया होगा।

मेरा दरवाजा हवाओ ने बजाया होगा। 

 

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