115 Matlabi Shayari in Hindi | best matlabi Log par Shayari

आज का पोस्ट हमारा Matlabi shayari : Matlabi log पर है । जो लोग उन्हें समझना चाहते है । वैसे तो मतलबी लोगो की कही तरह की पहचान होती है । लेकिन आपको ये matlabi shayari पढ़ने के बाद आपको और समझ आ जायेगा।

अक्सर देखते है लोग अपने काम से मतलब रखते है , अपना काम होते ही निकल लेते है । इसे matlabi logo से दूरी रखनी चाहिए । जो बिना मतलब के समय को खराब करते है ।

अगर आप MATLAB से जुड़ी shayari को सर्च कर रहे थे तो आपकी रिसर्च आज यही पर खत्म होगी क्युकी आपको हर तरह की शायरी मिल जायेगी । तो चलिए पढ़ते है ।

 

Matlabi shayari

 

यहां सब कुछ मतलब की यारी है

यही तो इस दुनिया की बीमारी है ।।

Matlabi shayari 

घड़ा भी पहले अपनी प्यास बुझाता है

कौन है यहां जो मतलबी नही है ।।

Rishte matlabi shayari

 

मतलब है तो रिश्ता है कोई नही

पूछता भाई तू कैसा है ।।

जब भरोसा होता है जिस पर वही धोखा दे

साला पूरी दुनिया ही मतलबी लगने लग जाती है ।।

तुम ने जाते जाते मतलबी कहा मेरे इश्क को

हम तो उस मतलबी से इश्क निभा रहे थे ।

जिसे हमने अपना खुदा माना वो ही

बड़ा मतलबी और खुदगर्ज निकला ।।

देखो मतलबी की दुनियां का किस्सा

हर कोई खूबसूरती का दीवाना है ।।

ये भी पढ़े

matlabi Log Shayari

 

खर्च कर दिया खुद को कुछ मतलबी लोगो पर

जो हमेशा मेरे साथ थे बस मतलब के लिए ।।

 

मेरे साथ रहते है कुछ मतलब के लोग

मतलब तक मतलब का साथ देते है लोग ।।

साहब इश्क बेमतलब ही सही

लेकिन मतलबी लोगो हुआ हैं।।

Matlabi duniya shayari

 

तुम्हारा मतलबी होना भी पसंद है हम

मतलब से ही सही तुम हमे याद तो करते हो ।।

Matlabi paisa ki duniya hai shayari

 

कुछ लोग दिलों से मतलब और जुबान से प्यार करते है ,

आज कल मतलबी लोग यही कारोबार करते है ।।

 

सुनो कितना अच्छा होता तुम मतलबी होते

और वो मतलब तुम को खुद से होता ।।

Matlabi dost shayari

 

देखो सब को अपनी तलब लगी है

भीड़ बहुत है लेकिन सब मतलबी हैं।।

 

ऐसे मतलब की दोस्ती की जरूरत नही

जो वक्त और माहोल पर बदल जाए ।।

 

हमे भनक तक न थी दिल तक आ पहुंचे थे

मतलबी लोगो का इश्क इस घर तक आ पहुंचे थे ।।

 

मेरी दुनिया का हर शक्श मतलबी ही निकला

सिवाय एक आईने के जो वफादार निकाला ।।

 

Shayari for matlabi

 

मोहब्ब्त के नाम से को रिश्ते जोड़ दिए जाते है

वक्त आने पर मतलब काम करके तोड़ दिए जाते है ।।

 

Matlabi shayari 2 line

 

इश्क में थोड़ा मतलबी होना पड़ता है ,

वरना लोग बिना वजह के चल पड़ते है ।।

 

हम जमाने भर की बातों से गुजरे

मतलब निकल भुलाने से गुजरे ।।

 

Dard matlabi shayari

 

भरी जवानी में हुसन का मतलबी नकाब निकलता है

अक्सर दिखता सोना खराब निकलता है ।।

 

कब तक याद होती है

एक मतलब को मतलब तक ।।

 

दुनियां के मतलबी लोग को देखो

टूटे तारे से खुद का मतलब मांग लेते है ।।

 

Matlabi shayari in hindi

 

तुझे झूठी शान पर बैठा रखा है दोस्त,

नीचे मतलब की दुकान खोल के ।।

 

निकल गया मतलब हमसे या कम लोगे

बदनाम तो हो ही गए जनाब अब कितना नाम लोगे ।।

 

मिट्टी की खुशबू में फरक आज्ञा है ,

मतलबी लोगो का सब से इस पर भी दिल आज्ञा है ।

 

Two line matlabi shayari

 

अब मदद करने से भी घबराता हूं

लोग समझते है मतलाबियों का सगा हूं मैं ।।

 

सब याद करेंगे यारों जरा

मतलब के दिन तो आने दो ।।

 

भुला देंगे आपको भी जरा सब्र तो करिए

आपके जैसे मतलबी होने में वक्त लगेगा ।।

 

Matlabi shayari

 

विश्वास की डोर एक धोखे से तोड़ जाते है

उनकी फितरत है आपको को बीच में छोड़ जाते है ।।

 

हम मतलबी होने ही निकलते सनम

हमे तेरा हासर देख के याद आगया ।।

 

कैसे करू भरोसा गैरों के प्यार पर

अपने ही मजा लेते है अपने की हार पर ।।

 

Matlabi duniya shayari

 

कोई मिला ही नहीं जिसे को

वफा देते हर एक ने दिल तोड़ा है

किस किस को सजा देते ।।

 

वक्त हो बुरा आपका लोग बैठे हो

हिसाब गिनवाने , उन मतलबियो

से रहना हमेशा दूर ।।

 

Rishte matlabi shayari

 

रहते है में साथ मतलब की हद

तक कही थक जाओ तो तन्हा

रुक जाऊं तो तन्हा ।।

 

आज। गुमनाम हूं तो ज़रा फासला रख मुझसे

कल को मशहूर हो जाऊंगा तो रिश्ता निकाल लेना ।

 

इश्क किताबों में सच्चा होता है ,

जमाने में कब कौन मतलबी निकल जाए ।।

 

Matlabi log shayari

 

उन मतलबी लोगो की तरह मत बन जाना

जिनको अपने लिए सबको अपना कहना पड़ता है ।।

 

इस मतलबी दुनिया से दूर जाना चाहते है ,

नही, तो मर जाना चाहते है ।।

 

दिल टूट सा गया है इन बेईमान

लोगो और फरेबी इश्क से ।।

 

Matlabi log shayari

 

ये दुनिया है भाई यह प्यार से नही

मतलबी जिंदगी गुजरती है ।।

 

रिश्ता वही कामयाब रहता है

जो दिल से जुड़ा हो जरूरत से नही ।।

 

बदलता हुआ वक़्त है ज़ालिम ज़माना है

यह मतलबी रिश्ते है और फिर भी है निभाना ।।

 

Matlabi dost shayari

 

आज ये दिन है यारों पर भी भरोसा नही

एक दिन था जब दुश्मनों से नफरत नहीं थी।।

 

मसला यह भी है इस जालिम दुनिया का

कोई अगर अच्छा भी है तो अच्छा क्यों है ।।

 

मतलबी इस दुनिया में मतलबी तू भी बन

चलता अगर साथ कोई साथ उसके तू भी चल ।।

 

Matlab shayari in hindi

 

नादान था दिल मेरा इसलिए

उसको भी नादान समझ लिया

वो तो इंसानी भेष में एक मतलबी शैतान था ।।

 

मतलब के लोगो की बाते आहे कितनी मीठी

ये तो बस एक दिखावा है

चाहे आप भी आजमाना उन्हे

देंगे धोखा ये मेरा दावा है ।।

 

अब बस चाय से याराना है

क्युकी खुदगर्ज से जमाना है

मतलबी लोगो से दूरी बनाना है

उनको उन्ही की भाषा सीखना है ।।

 

इस दौर ए जमाने ने मौज और

मतलब को दे दिया अपना प्यार का नाम

दफन हो कर रह गई

किताबो में सच्चे प्यार की दास्तान ।

 

मेरी मासूमियत पर हंसते है

मतलब निकलने वाले

खुद को बहुत समझदार समझते है

ये शहर में रहने वाले ।।

 

आपको हमारा पोस्ट matlabi shayari कैसा लगा हमे कमेंट में जरूर बताएं और भी ऐसी शायरी के लिए आप हमारे साइट के होम पेज पर विजिट कर सकते है। हमारे लिए कुछ msg या सुझाव हो तो आप हमे सेंड कर सकते है ।

Leave a Comment

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.